आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री शनि नवग्रह मंदिर उज्जैन में शिप्रा के त्रिवेणी घाट पर स्थित है, जहाँ शनि देव नौ ग्रहों में अधिष्ठाता हैं। परम्परा इसे विक्रमादित्य-कालीन मंदिर मानती है, लगभग दो हज़ार वर्ष पुराना, और वह विरल मंदिर जहाँ शनि शिव-रूप में पूजित हैं। शनि अमावस्या पर भक्त शनि-शिव लिंग पर सरसों-तेल अर्पित करते हैं।
अनेक अनुभवी पंडित शनि पूजा, शनि मंत्र जप, दशरथ-कृत शनि स्तोत्र और शनि हवन सरसों-तेल, काला-तिल और लोहा के साथ सम्पन्न करते हैं। हर चरण केवल आपके परिवार के नाम-गोत्र को समर्पित।
भक्त प्रायः चाहते हैं कि पूजा सावधानी से सम्पन्न हो — स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, शनि देव के समक्ष स्पष्ट संकल्प।
आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
पूजा का हर मंत्र, हर संकल्प-जल, हर अर्पण आपके नाम-गोत्र पर सम्पन्न होता है। किसी और भक्त का नाम बीच में नहीं लिया जाता।
वीडियो भी केवल आपके परिवार के संकल्प का बनता है। किसी और भक्त के नाम के साथ नहीं।
यह शनि साढ़ेसाती शान्ति अनुष्ठान केवल आपके परिवार के लिए सम्पन्न होता है, आपकी चुनी हुई तिथि पर। त्रिवेणी घाट, उज्जैन के शनि नवग्रह मंदिर पर, जहाँ शनि देव शिव-रूप में विराजते हैं, अनेक अनुभवी पंडित शनि मंत्र जप, दशरथ-कृत शनि स्तोत्र, सरसों-तेल, काला-तिल और लोहा, तथा शनि हवन अर्पित करते हैं — केवल आपका नाम-गोत्र शनैश्चर के समक्ष पूरे साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा काल के लिए।