जिन महर्षियों ने बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, फलदीपिका और जैमिनी सूत्र रचे, उन्होंने ज्ञान को द्वार पर बंद नहीं किया। उन्होंने इसे गृहस्थ, परिव्राजक साधु और राजा सबके लिए सहेजा। आपकी जन्म पत्री आपकी अपनी धार्मिक धरोहर है: आपकी पहली श्वास के क्षण नवग्रहों की छाप। हम इसे वैदिक परंपरा में पढ़ते हैं; वही शास्त्र, वही तकनीक, वही सत्य उत्तर, आपके लिए निःशुल्क। कुंडली जो भी प्रकट करे, मार्ग सदा भक्ति-रूप होता है: अपने इष्ट देव के समक्ष संकल्प, और अपने नाम-गोत्र में निभाया गया उपाय। वाचन निःशुल्क है; उसके बाद की सेवा आपकी अर्पणा है।