प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





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बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
माधव नगर, उज्जैन का श्री बगलामुखी देवी तीर्थ क्षेत्र भारत के तीन प्रमुख पीताम्बरा क्षेत्रों में से एक है। माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं की 8वीं हैं — पीताम्बरा देवी, पीत वस्त्र धारिणी देवी, सौराष्ट्र की हरिद्रा सरोवर से प्रकट हुईं ब्रह्माण्डीय तूफ़ान के समय।
आचार्य पूर्ण वैदिक विधि के साथ मिर्ची हवन सम्पन्न करते हैं — 108 लाल-मिर्ची आहुति 108 बीज-मंत्र चक्रों के साथ। हर चरण केवल आपके परिवार के नाम-गोत्र के लिए, विशिष्ट शत्रु / मामले के नाम के साथ संकल्प में।
भक्त प्रायः चाहते हैं कि पूजा सावधानी से सम्पन्न हो — स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, देवता के समक्ष स्पष्ट संकल्प।
माँ बगलामुखी, दश महाविद्या में 8वीं, स्तंभन की देवी हैं, वह शक्ति जो आपके विरुद्ध काम करती हर ताकत को पंगु कर देती है। हवन कुंड में अर्पित सूखी लाल मिर्ची शत्रु की वाणी के विष और बुरी नज़र को निष्प्रभावी करती है। गुप्त नवरात्रि अष्टमी, शत्रु-स्तंभन का वर्ष का प्रबलतम मुहूर्त, वर्ष में एक बार आती है, जब यह उग्र महाविद्या शक्ति न्यायालय मामलों और छिपे शत्रुओं के लिए शिखर पर होती है।