आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
संतान सुख, विवाह में विलंब और विवाह दोष के लिए अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री सन्तानेश्वर महादेव स्कन्द पुराण के अनुसार उज्जैन के 84 महादेव (चौरासी) में से एक हैं — शिव का सन्तान-प्रदाता रूप, सदियों से सन्तान-प्रार्थना को समर्पित क्षेत्र। शिप्रा-तट के इस मन्दिर में पूर्व-मध्यकाल से अखण्ड सन्तान-विधि परम्परा चली आ रही है।
आचार्य पूर्ण वैदिक विधि के साथ रुद्री अभिषेक + सन्तान-गोपाल मन्त्र पाठ × 108 सम्पन्न करते हैं — कृष्ण-यशोदा बाल-रूप अर्चना, 11 बिल्व-वृन्दावन अर्चना और पुत्र-प्राप्त्यर्थे संकल्प सहित। हर चरण केवल आपके परिवार के नाम-गोत्र के लिए।
दम्पति प्रायः चाहते हैं कि पूजा सावधानी से सम्पन्न हो — स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, देवता के समक्ष स्पष्ट संकल्प।
आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
पूजा का हर मंत्र, हर संकल्प-जल, हर अर्पण आपके नाम-गोत्र पर सम्पन्न होता है। किसी और भक्त का नाम बीच में नहीं लिया जाता।
वीडियो भी केवल आपके परिवार के संकल्प का बनता है। किसी और भक्त के नाम के साथ नहीं।
सन्तानेश्वर महादेव सन्तान-प्राप्ति विशेष पूजा उज्जैन के 84 महादेव (चौरासी) में से एक पर सम्पन्न होती है — शिव का सन्तान-प्रदाता रूप। स्वस्थानी व्रत कथा के अनुसार स्वयं भगवान कृष्ण ने यहाँ प्रार्थना की थी और इसी क्षेत्र को सन्तान-गोपाल मन्त्र दिया। विधि में रुद्री अभिषेक, सन्तान-गोपाल मन्त्र पाठ × 108, और कृष्ण-यशोदा बाल-रूप अर्चना सम्पन्न होती है — आपके दंपति के नाम-गोत्र पर, चुनी तिथि पर।