आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
दीर्घायु, पारिवारिक कलह और हारे का सहारा के लिए अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री रामनाथस्वामी ज्योतिर्लिंग, रामेश्वरम भारत का एकमात्र मंदिर है जो चार धामों और 12 ज्योतिर्लिंगों — दोनों में सम्मिलित है। रामायण के अनुसार, स्वयं श्री राम ने इसी शिवलिंग की स्थापना रावण-वध से होने वाले ब्रह्म-हत्या दोष के निवारण हेतु की थी, क्योंकि रावण ब्राह्मण थे। दक्षिणतम ज्योतिर्लिंग — वंशगत पाप-विमोचन और कर्ज़-ऋण शुद्धि के लिए शास्त्र-निर्धारित।
क्रम स्पष्ट रहता है — पहले आपके परिवार का नाम-गोत्र, फिर सेतु स्नान-संकल्प अग्नि तीर्थ पर + 22-कुंड स्नान, लिंग पर सहस्र-धारा पंचामृत अभिषेक के साथ 11-गुना रुद्री पाठ, और समापन में बिल्व अर्पण। हर चरण केवल आपके परिवार के लिए।
भक्त प्रायः चाहते हैं कि पूजा सावधानी से सम्पन्न हो — स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, देवता के समक्ष स्पष्ट संकल्प।
आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
पूजा का हर मंत्र, हर संकल्प-जल, हर अर्पण आपके नाम-गोत्र पर सम्पन्न होता है। किसी और भक्त का नाम बीच में नहीं लिया जाता।
वीडियो भी केवल आपके परिवार के संकल्प का बनता है। किसी और भक्त के नाम के साथ नहीं।
यह सहस्र-धारा महा अभिषेक केवल एक परिवार के लिए श्री रामनाथस्वामी ज्योतिर्लिंग में सम्पन्न होता है, आपकी चुनी हुई तिथि पर। आपका नाम-गोत्र रुद्री सूक्त की हर पंक्ति में आता है, और 1000-धारा पंचामृत वर्षा केवल आपके संकल्प में लिंग पर होती है। रामायण के अनुसार, स्वयं श्री राम ने रावण-वध से लगे ब्रह्म-हत्या पाप के निवारण हेतु इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना की — यही भारत का एकमात्र चार धाम और ज्योतिर्लिंग संयुक्त क्षेत्र है।