आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
दीर्घायु, स्वास्थ्य की चिंता और लंबी पुरानी बीमारी के लिए अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री केदारनाथ धाम गढ़वाल हिमालय में 11,755 फीट पर स्थित है — बारह ज्योतिर्लिंगों में सबसे ऊँचा और उत्तराखण्ड के चार धामों में से एक। लिंग त्रिकोणीय और कूबड़-आकार का है, जो शिव के बैल-स्वरूप की पीठ को दर्शाता है। महाभारत युद्ध के बाद पाण्डव यहाँ पाप-विमोचन के लिए आए, महादेव को नन्दी-रूप में पहचाना, और इसी क्षेत्र को स्कन्द पुराण में नामित मूल शैव अवशोषण-तीर्थ के रूप में स्थापित किया।
आचार्य कृष्ण यजुर्वेद से सम्पूर्ण श्री रुद्रम् पाठ — नमकम् + चमकम् — पंक्ति-दर-पंक्ति, उसी क्रम में सम्पन्न करते हैं जिस क्रम में पाण्डव-काल से केदारनाथ में इसका उच्चारण होता आया है। हर चरण केवल आपके परिवार के नाम-गोत्र के लिए।
भक्त प्रायः चाहते हैं कि पूजा सावधानी से सम्पन्न हो — स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, देवता के समक्ष स्पष्ट संकल्प।
आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
पूजा का हर मंत्र, हर संकल्प-जल, हर अर्पण आपके नाम-गोत्र पर सम्पन्न होता है। किसी और भक्त का नाम बीच में नहीं लिया जाता।
वीडियो भी केवल आपके परिवार के संकल्प का बनता है। किसी और भक्त के नाम के साथ नहीं।
केदारनाथ महा रुद्राभिषेक विशेष पूजा श्री केदारनाथ धाम में सम्पन्न होती है — करियर-विवाह-विद्या संकल्प और ग्रह-शान्ति अभिषेकों के लिए चार-धाम ज्योतिर्लिंग पीठ। विधि में बिल्व-जल अभिषेक, पंचामृत-स्नान अर्पण, महा रुद्री सूक्त पाठ और नाम-गोत्र-बद्ध संकल्प — केवल आपके परिवार के नाम-गोत्र पर, आपकी चुनी तिथि पर पूर्ण होती है।