आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री दीर्घ विष्णु मंदिर मथुरा के चौक बाज़ार में, भरतपुर गेट के निकट स्थित है, जो लंबी परम्परा से ब्रज क्षेत्र के प्राचीनतम विष्णु पीठों में एक माना जाता है। यहाँ विष्णु अपने दीर्घ (विशाल) रूप में शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण किए पूजित हैं, उनके साथ लक्ष्मी विराजमान हैं। लोक-परम्परा से यह पीठ कृष्ण के पौत्र वज्रनाभ से जोड़ा जाता है और बाद की शताब्दियों में काशी के एक भक्त-राजा द्वारा जीर्णोद्धार किया गया। ब्रज के परिवार यहाँ गृह-शान्ति, किसी व्रत की पूर्ति और घर की समृद्धि हेतु सत्यनारायण संकल्प उठाने आते हैं।
अनुभवी पंडित सत्यनारायण व्रत कथा सम्पूर्ण पढ़ते हैं, तुलसी-दल, पंचामृत और पीले पुष्प अर्पण दीर्घ विष्णु को, सम्पूर्ण प्रामाणिक वैदिक विधि से। हर चरण केवल आपके परिवार के नाम-गोत्र को समर्पित, आपकी चुनी हुई एक तिथि पर, गृह-शान्ति, किसी व्रत की पूर्ति और घर की समृद्धि हेतु एक स्नेहमयी प्रार्थना।
भक्त प्रायः चाहते हैं कि पूजा सावधानी से सम्पन्न हो — स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, दीर्घ विष्णु के समक्ष स्पष्ट संकल्प।
आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
पूजा का हर मंत्र, हर संकल्प-जल, हर अर्पण आपके नाम-गोत्र पर सम्पन्न होता है। किसी और भक्त का नाम बीच में नहीं लिया जाता।
वीडियो भी केवल आपके परिवार के संकल्प का बनता है। किसी और भक्त के नाम के साथ नहीं।
यह सत्यनारायण विष्णु अनुष्ठान केवल आपके परिवार के लिए, आपकी चुनी हुई तिथि पर, मथुरा में श्री दीर्घ विष्णु मंदिर पर सम्पन्न होता है — ब्रज के प्राचीनतम विष्णु पीठों में एक। अनुभवी पंडित सत्यनारायण व्रत कथा आपके नाम-गोत्र में पढ़ते हैं, गृह-शान्ति, किसी व्रत की पूर्ति और घर की समृद्धि हेतु एक स्नेहमयी प्रार्थना।