आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
गृह प्रवेश और वाहन पूजा के लिए अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री चिंतामण गणेश उज्जैन में अवंतिका का स्व-प्रकट त्रि-गणेश क्षेत्र हैं स्कंद पुराण के अनुसार — चिंतामण (चिन्ता-निवारण), इच्छा (कामना), और सिद्धि (पूर्णता) एक ही स्व-प्रकट गर्भगृह में।
आचार्य त्रि-गणेश अर्चना मोदक-अर्पण, दूर्वा-घास और रक्त-वस्त्र अर्पण सहित आपके परिवार के नाम-गोत्र पर सम्पन्न करते हैं। हर अर्पण केवल आपके संकल्प के लिए।
भक्त चाहते हैं कि पूजा सावधानी से हो — स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, और त्रि-गणेश के समक्ष स्पष्ट संकल्प।
आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
पूजा का हर मंत्र, हर संकल्प-जल, हर अर्पण आपके नाम-गोत्र पर सम्पन्न होता है। किसी और भक्त का नाम बीच में नहीं लिया जाता।
वीडियो भी केवल आपके परिवार के संकल्प का बनता है। किसी और भक्त के नाम के साथ नहीं।
चिंतामण गणेश विघ्न-हरण अनुष्ठान श्री चिंतामण गणेश तीर्थ क्षेत्र, उज्जैन में सम्पन्न होता है। स्कंद पुराण के अवंतिका खण्ड में इस स्व-प्रकट त्रि-गणेश का वर्णन — चिंतामण, इच्छा, सिद्धि — एक ही क्षेत्र में अवंतिका के विघ्न-रक्षक। मोदक-अर्पण दूर्वा-घास सहित भक्त का पूर्व-कार्य संकल्प सीधे वहन करती। आपका नाम-गोत्र हर चक्र में आता, अन्य भक्त का नाम साझा नहीं, और पूजा आपकी चुनी हुई तिथि पर।