बुधवार का व्रत बुध ग्रह की शांति और गणेश जी की कृपा के लिए रखा जाता है। इससे बुद्धि, व्यापार में सफलता और बाधा-निवारण होता है। भक्त हरे वस्त्र धारण कर मूँग-दाल का भोजन लेते हैं।
परिचय
बुधवार का व्रत बुध ग्रह (मर्क्युरी) की शांति और भगवान गणेश जी की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। यह व्रत बुद्धि, व्यापार में सफलता और बाधा-निवारण के लिए पूज्य है। भक्त हरे वस्त्र धारण करते हैं और मूँग दाल से बना भोजन ग्रहण करते हैं।
व्रत कथा
एक नव-विवाहित युवक मधुसूदन अपनी पत्नी को लेने श्वसुर-गृह गया। ससुराल वाले बोले — “आज मत जाइए। बुधवार का दिन है, और बुधवार को बेटी को विदा करना अशुभ माना जाता है।” मधुसूदन ने नहीं सुना और हठपूर्वक अपनी पत्नी को साथ ले गया।
मार्ग में पत्नी को प्यास लगी। मधुसूदन जल लाने चले गए। लौटकर देखा तो एक अन्य व्यक्ति — हूबहू मधुसूदन के समान — रथ में उसकी पत्नी के साथ बैठा था।
दोनों “मधुसूदनों” में विवाद हुआ। सिपाहियों ने पकड़कर दोनों को राजा के सम्मुख ले गए। राजा ने पत्नी से पूछा कि वह अपने असली पति को पहचाने। किंतु वह दोनों को एक जैसा देखकर अत्यंत भ्रमित थी।
असली मधुसूदन ने अंतर्मन से ईश्वर से प्रार्थना की। तभी आकाश से एक स्वर गूँजा — यह स्वयं बुध देव की वाणी थी — “तुमने बुधवार के नियम का उल्लंघन किया। यही इसका परिणाम है।” मधुसूदन ने क्षमा याचना की और बुधवार व्रत रखने का संकल्प लिया। दूसरा प्रतिरूप उसी क्षण विलीन हो गया।
निष्कर्ष
दम्पति सुरक्षित घर लौटे। तब से उन्होंने निरंतर बुधवार व्रत रखा और सुख-पूर्वक रहे।
संक्षिप्त मार्गदर्शिका
प्रारंभ से पहले
पूजा विधि
यह पूजा कैसे करें
चरण 1
प्रातः स्नान कर हरे वस्त्र धारण करें और बुध देव व गणेश जी का ध्यान करें।
चरण 2
पूजा-स्थल पर बुध देव का चित्र अथवा गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें।
चरण 3
हरे पुष्प, दूर्वा, अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें।
चरण 4
“ॐ बुं बुधाय नमः” अथवा “ॐ गं गणपतये नमः” का जप करें और बुधवार कथा पढ़ें।
चरण 5
संध्या में मूँग-दाल, हरी सब्जी एवं हरी सामग्री का एक समय का सात्विक भोजन लें।
सामग्री
व्रत के लिए सामग्री
मंत्र
Budh mantra
Om Bum Budhaya Namah
Chant on Wednesday for intelligence, speech, learning, and business clarity.
भाव
भक्त जिन आशीर्वादों की प्रार्थना करते हैं
सावधानी
इन भूलों से बचें
प्रश्न-उत्तर
प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न
बुधवार व्रत कौन रख सकता है?
कोई भी भक्त — विशेषकर जो व्यापार, शिक्षा अथवा बुध ग्रह-संबंधी कष्ट से जूझ रहा हो — यह व्रत रख सकता है।
व्रत में क्या खाया जाए?
एक समय का सात्विक भोजन — प्रमुखतः मूँग दाल और हरी सब्जियाँ; तेज मसाले और मांसाहार वर्जित हैं।
यह व्रत कितने समय तक रखा जाए?
कम-से-कम 7, 11 अथवा 21 बुधवारों का संकल्प लेकर नियमित व्रत रखना लाभदायक है।
क्या आप यह पूजा अपने संकल्प के साथ करवाना चाहते हैं?
अनुभवी पंडित आपको सही सेवा की ओर मार्गदर्शन देंगे।







