आन्तरिक बल, साहस और अवसाद या प्रबल शत्रुओं पर विजय के लिए अनिवार्य।
यह स्तोत्र क्यों और किसके लिए?
आन्तरिक बल, साहस और अवसाद या प्रबल शत्रुओं पर विजय के लिए अनिवार्य।
पाठ करने की सरल विधि
- स्वच्छ, शान्त स्थान चुनें — जहाँ विघ्न न हों।
- कपूर का बड़ा दीप प्रज्वलित करें।
- मंगलवार या शुक्रवार की रात्रि में पाठ श्रेष्ठ माना गया है।
स्तोत्र: सम्पूर्ण पाठ और भावार्थ
अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते भावार्थ: हे गिरि-पुत्री — आप धरा को आनन्दित करती हैं, विश्व को विनोदित करती हैं, सबके द्वारा पूजित हैं।
गिरिवरविन्ध्यशिरोधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते भावार्थ: विन्ध्य पर्वत के शिखरों पर निवास करने वाली, विष्णु को आनन्दित करने वाली, विजयी देवताओं द्वारा स्तुत।
भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते भावार्थ: हे भगवती — नीलकण्ठ (शिव) की अर्द्धांगिनी, सम्पूर्ण विश्व जिनका कुटुम्ब है।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते भावार्थ: महिषासुर-मर्दिनी की जय हो — रमणीय केशयुक्त, पर्वत-पुत्री।
पाठ की मर्यादा — क्या करें, क्या न करें
- करें: दृढ़, सीधा आसन बनाए रखें।
- न करें: संस्कृत अक्षरों का उच्चारण ग़लत न करें — कम्पन (वाइब्रेशन) ही इस स्तोत्र की कुंजी है।
पौराणिक संदर्भ
देवी महात्म्य पर आधारित — वह युद्ध जहाँ दुर्गा ने महिषासुर का वध किया।
प्रसिद्ध मन्दिर
मैसूर चामुण्डेश्वरी मन्दिर, कर्नाटक।
एक-पंक्ति सार
कोई भी पाप इतना बड़ा नहीं जिसे दिव्य-नारी-शक्ति द्वारा जीता न जा सके।
संक्षिप्त मार्गदर्शिका
प्रारंभ से पहले
मंत्र
Devi mantra
Om Dum Durgaye Namah
Chant 11, 21, or 108 times according to your time and capacity.
भाव
भक्त जिन आशीर्वादों की प्रार्थना करते हैं
प्रश्न-उत्तर
प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पुरुष भी नवरात्रि व्रत कर सकते हैं?
हाँ — किसी भी लिंग का भक्त नवरात्रि व्रत कर सकता है; यह सभी के लिए खुला है।
व्रत के दौरान क्या खाया जा सकता है?
नवरात्रि व्रत में फल, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, सेंधा नमक और दुग्ध-उत्पाद खाए जा सकते हैं।
यदि मैं पूरे 9 दिन व्रत न रख सकूँ तो?
आप केवल प्रथम और अन्तिम दिन (प्रतिपदा और नवमी) व्रत कर सकते हैं — यह भी सम्पूर्ण व्रत के समान माना गया है।
क्या आप यह पूजा अपने संकल्प के साथ करवाना चाहते हैं?
अपना नाम, ज्ञात हो तो गोत्र, और प्रार्थना की भावना साझा करें। अनुभवी पंडित आपको सही सेवा की ओर मार्गदर्शन देंगे।







