प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





घर में भय, ग्रह बाधा और हारे का सहारा के लिए अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री महाकालेश्वर तीर्थ क्षेत्र उज्जैन में शिप्रा के तट पर स्थित है, बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी, जहाँ भगवान शिव महाकाल के रूप में पूजित हैं, काल और मृत्यु के स्वामी। इसकी भोर-पूर्व भस्म आरती भारत के सबसे प्रबल दर्शनों में से एक है। सावन भर बाबा महाकाल सोमवार को अपनी राजसी सवारी में निकलकर पूरे नगर को आशीर्वाद देते हैं।
सावन सोमवार जलाभिषेक महाकालेश्वर दरबार में आपके नाम-गोत्र में, प्रथम श्रावण सोमवार मुहूर्त पर, जैसे कोई कांवरिया गंगा जल अर्पित करता है, संपन्न होता है।
भक्त चाहते हैं कि संकल्प सावधानी से हो, स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, और महाकाल के समक्ष स्पष्ट नाम-गोत्र।
सावन भगवान शिव का सबसे पावन मास है, और इसका प्रथम सोमवार उन्हें पाने का वर्ष का सबसे प्रबल दिन। इस प्रथम सावन सोमवार, 3 अगस्त 2026 पर कांवरिये शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाते और बाबा महाकाल अपनी सवारी में उज्जैन से निकलते हैं। आपका नाम-गोत्र महाकालेश्वर, एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग, के जलाभिषेक में जुड़ता है, भोले मृत्युंजय को महा-संकल्प।