प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





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बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री विष्णुपद मंदिर बिहार के गया में फल्गु के तट पर स्थित है, भगवान विष्णु के पावन चरण-चिह्न को समेटे, जिसे स्वयं प्रभु ने यहाँ स्थापित किया माना जाता है। यह देश के सबसे पूज्य विष्णु धामों में से एक है, जहाँ भक्त अपने परिवार के कल्याण और निरंतरता हेतु हरि की कृपा माँगने आते हैं। सावन पुत्रदा एकादशी पर दंपति संतान के वरदान की प्रार्थना हेतु उमड़ते हैं।
सावन पुत्रदा एकादशी संकल्प विष्णुपद दरबार में आपके नाम-गोत्र में, श्रावण शुक्ल एकादशी पर, संतान हेतु भगवान विष्णु के व्रत पर संपन्न होता है।
भक्त चाहते हैं कि संकल्प सावधानी से हो, स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, और विष्णुपद में भगवान विष्णु के समक्ष स्पष्ट नाम-गोत्र।
सावन भगवान शिव का सबसे पावन मास है, और इसकी पुत्रदा एकादशी भगवान विष्णु से संतान का वरदान माँगने का सबसे प्रबल दिन। सावन पुत्रदा एकादशी, श्रावण शुक्ल एकादशी (23 अगस्त 2026) पर, गया के विष्णुपद मंदिर में आपके नाम-गोत्र में संतान संकल्प अर्पित होता है, जहाँ भगवान विष्णु का चरण-चिह्न स्थापित है, संतान का सुख, खुशहाल घर और बढ़ते परिवार हेतु।