प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक में, गोदावरी के पावन उद्गम पर स्थित है, बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, जिसका लिंग ब्रह्मा, विष्णु और शिव के तीन मुख धारण करता है। स्कन्द पुराण में वर्णित, यह काल सर्प दोष शान्ति का सर्वोच्च क्षेत्र माना जाता है, जहाँ राहु और केतु की जकड़ शान्त होती है। सावन नाग पंचमी पर भक्त मन की शान्ति और सर्प दोष से राहत हेतु उमड़ते हैं।
सावन नाग पंचमी काल सर्प शान्ति त्र्यंबकेश्वर दरबार में आपके नाम-गोत्र में, श्रावण शुक्ल पंचमी पर, राहु और केतु को शान्त करने के दिन संपन्न होती है।
भक्त चाहते हैं कि संकल्प सावधानी से हो, स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, और त्र्यंबकेश्वर महादेव के समक्ष स्पष्ट नाम-गोत्र।
सावन भगवान शिव का सबसे पावन मास है, और इसकी नाग पंचमी राहु-केतु, सर्प ग्रहों को शान्त करने का सबसे प्रबल दिन। सावन नाग पंचमी, 17 अगस्त 2026 के तृतीय सावन सोमवार पर, गोदावरी के उद्गम पर त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में आपके नाम-गोत्र में काल सर्प शान्ति अर्पित होती है, शांत मन, स्पष्ट निर्णय और सर्प की जकड़ से मुक्ति हेतु।