प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





अपने लिए उपयुक्त पैकेज चुनें।




बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री काल भैरव मंदिर उज्जैन में शिप्रा के तट पर स्थित है, काल भैरव को समर्पित, शिव का रौद्र रूप और नगर कोतवाल, नगर का वह दिव्य रक्षक जिसे उसके राजा ने नियुक्त किया। यह उज्जैन के सबसे सक्रिय मंदिरों में से एक है, भैरव बाबा के समक्ष चढ़ती मदिरा के लिए प्रसिद्ध, और उनके पास आने वालों को निर्भयता तथा रक्षा देने के लिए।
सावन कालाष्टमी अभिषेक काल भैरव दरबार में आपके नाम-गोत्र में, श्रावण कृष्ण अष्टमी मुहूर्त पर, रौद्र रक्षक के दिन संपन्न होता है।
भक्त चाहते हैं कि संकल्प सावधानी से हो, स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, और काल भैरव के समक्ष स्पष्ट नाम-गोत्र।
सावन, शिव का सबसे पावन मास, जब उनका सबसे रौद्र स्वरूप सर्वाधिक प्रचंड होता है। सावन कालाष्टमी, श्रावण कृष्ण अष्टमी (5 अगस्त 2026) पर विकराल भैरव स्वरूप का सरसों तेल और मधु से अभिषेक होता है, पवित्र अग्नि की भस्म चढ़ती है, और शिप्रा तट पर मदिरा भोग अर्पित होता है। वहीं आपका नाम-गोत्र कोतवाल के समक्ष निर्भय जीवन हेतु रखा जाता है।