प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री कालीघाट काली मंदिर कोलकाता, पश्चिम बंगाल के कालीघाट में स्थित है, इक्यावन शक्तिपीठों में से एक, जहाँ माँ सती के दाहिने पैर की अंगुलियाँ गिरी मानी जाती हैं। यह माँ काली का भवतारिणी रूप में धाम है, तारने वाली माँ और दस महाविद्याओं में से एक, तथा कोलकाता का सबसे प्राचीन और प्रिय देवी-उपासना केंद्र। सावन दुर्गा अष्टमी पर भक्त माँ की रक्षा, शक्ति और हर संकट पर विजय हेतु उमड़ते हैं।
सावन दुर्गा अष्टमी शक्ति संकल्प कालीघाट शक्तिपीठ पर आपके नाम-गोत्र में, श्रावण शुक्ल अष्टमी पर, माँ की शक्ति के दिन संपन्न होता है।
भक्त चाहते हैं कि संकल्प सावधानी से हो, स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, और कालीघाट में माँ काली के समक्ष स्पष्ट नाम-गोत्र।
सावन भगवान शिव का सबसे पावन मास है, और इसकी दुर्गा अष्टमी पर उनकी शक्ति, माँ काली, सबसे प्रबल होती हैं। सावन दुर्गा अष्टमी, श्रावण शुक्ल अष्टमी (20 अगस्त 2026) पर, कोलकाता के कालीघाट शक्तिपीठ पर आपके नाम-गोत्र में शक्ति संकल्प अर्पित होता है, माँ के रक्षा कवच, निर्भय शक्ति और हर शत्रु व संकट के नाश हेतु।