प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा में, अगर-मालवा, मध्य प्रदेश में लखुंदर के तट पर, लंबी परम्परा से महाभारत-कालीन मंदिर और भारत के प्रमुख बगलामुखी पीतांबरा पीठों में से एक माना जाता है। माँ बगलामुखी, आठवीं महाविद्या, स्तंभन — शत्रु को स्तंभित करने — और वाक्-स्तंभन, विरोधी वाणी को मौन करने की देवी हैं। महा अष्टमी, नवरात्रि की परम रात्रि पर, भक्त उनका स्तंभन और शत्रु पर उनकी विजय माँगने आते हैं।
नवरात्रि अष्टमी स्तंभन संकल्प बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में आपके नाम-गोत्र में, आश्विन शुक्ल अष्टमी पर, नवरात्रि की महा अष्टमी पर संपन्न होता है।
भक्त चाहते हैं कि संकल्प सावधानी से हो, स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, और नलखेड़ा में माँ बगलामुखी के समक्ष स्पष्ट नाम-गोत्र।
नवरात्रि अष्टमी, शारदीय नवरात्रि की महा अष्टमी, देवी की परम रात्रि है, और माँ बगलामुखी स्तंभन की पीतांबरा महाविद्या हैं, जो शत्रु को स्तंभित करती और झूठ बोलती जीभ को मौन करती हैं। इस नवरात्रि अष्टमी, 18 अक्टूबर 2026 पर, आपके नाम-गोत्र में नलखेड़ा में माँ बगलामुखी को स्तंभन संकल्प अर्पित होता है, शत्रु के स्तंभित, निंदक के मौन, मुक़दमे की जीत और देवी की ढाल हेतु।