प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें, अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें।




बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री विष्णुपद मंदिर, गया, बिहार, फल्गु तट पर भगवान विष्णु के पावन चरण-चिह्न पर बना है, पिंड-दान का परम स्थान जहाँ परम्परा से श्राद्ध पितरों को अंतिम मुक्ति देता है। यह वह स्थान है जहाँ भक्त वह गया-श्राद्ध पूर्ण करते हैं जिसे कोई अन्य अनुष्ठान नहीं ले सकता। महा भरणी, यम के दिन, यहाँ श्राद्ध पितरों की मुक्ति हेतु विशेष प्रबल माना जाता है।
महा भरणी श्राद्ध विष्णुपद, गया पर आपके नाम-गोत्र में, महा भरणी, भरणी नक्षत्र और यम के दिन संपन्न होता है।
भक्त चाहते हैं कि श्राद्ध सावधानी से हो, स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, और गया पर पितरों हेतु स्पष्ट नाम-गोत्र।
महा भरणी श्राद्ध, पितरों के दिनों की भरणी नक्षत्र, यम का दिन है, मृत्यु के देवता, जब गया पर श्राद्ध पूर्ण गया-श्राद्ध का पुण्य लिए माना जाता है। इस महा भरणी, 29 सितंबर 2026 पर, आपके नाम-गोत्र में विष्णुपद, गया पर पितरों हेतु श्राद्ध अर्पित होता है, पितरों की यम से मुक्ति, गया-श्राद्ध पुण्य, पितृ-ऋण उतरने और वंश शान्त होने हेतु।