कृष्ण की शरण अन्य देवताओं से भिन्न भाव से ली जाती है — मुख्यतः किसी कठिनाई के निवारण हेतु नहीं, अपितु प्रेम हेतु, उस गृहस्थी की कोमलता हेतु जो कठोर हो चली हो, और उस माधुर्य हेतु जिसके लिए ब्रज के क्षेत्र जाने जाते हैं।
दिव्य चढ़ावा ये सेवाएँ वृंदावन के बांके बिहारी और राधा रमण में, गोवर्धन के गिरिराज जी में, मथुरा के दीर्घ विष्णु तथा ब्रज के स्थानों में सम्पन्न कराता है — जन्माष्टमी, एकादशियों, गोवर्धन पूजा और वर्षभर, आपके नाम-गोत्र से।
10 सेवाएँ, 6 तीर्थ क्षेत्रों में, इस समय बुकिंग के लिए खुली हैं।
माखन-मिश्री, पेड़ा, तुलसी दल और नवीन पोशाक सर्वाधिक अर्पित की जाती हैं। गोवर्धन पूजा पर गिरिराज जी को अन्नकूट अर्पित होता है। हर सेवा के पृष्ठ पर लिखा होता है कि उस स्थान पर कौन-सा द्रव्य अर्पित किया जाएगा।
नीचे दी गई 10 सेवाओं में से एक चुनें, अपना नाम और गोत्र भरें, और भुगतान पूरा करें। निर्धारित तिथि पर आचार्य आपके नाम-गोत्र से संकल्प लेकर विधि सम्पन्न करते हैं, और पूर्ण होने पर व्हाट्सऐप पर HD वीडियो भेजा जाता है।
वर्तमान में ये सेवाएँ भारत के 6 तीर्थ क्षेत्रों में सम्पन्न की जाती हैं। हर सेवा के पृष्ठ पर लिखा होता है कि वह किस क्षेत्र में और किस तिथि को होगी।