आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
ग्रह बाधा, न्यायालय के मामले और हारे का सहारा के लिए अपने वैदिक अनुष्ठान को पूर्ण करें — अपने लिए उपयुक्त पैकेज चुनें।




प्रत्येक अर्पण आपके नाम-गोत्र के साथ मंदिर में उसी अनुष्ठान में चढ़ाया जाता है।





बहुत से भक्त पूजा के साथ इनमें से एक अवश्य जोड़ते हैं, कृतज्ञता के रूप में, पितरों की स्मृति में, या केवल सहज दान के भाव से।
असली पूजा और चढ़ावा वीडियो देखें, पूजा-पूर्ण होने के बाद भक्तों को WhatsApp पर भेजे जाते हैं।
श्री काल भैरव भैरवगढ़, उज्जैन में अवंतिका के क्षेत्र-पालक हैं स्कंद पुराण के अनुसार — वही देव जो राहु और शत्रु-ग्रह के तामसिक प्रभाव को 18-वर्षीय महादशा में रोकते हैं।
आचार्य अर्धरात्रि भैरव-अर्चना तिल-तेल, नील-वस्त्र और मदिरा-अर्पण सहित आपके परिवार के नाम-गोत्र पर सम्पन्न करते हैं। हर अर्पण केवल आपके संकल्प के लिए।
भक्त चाहते हैं कि पूजा सावधानी से हो — स्पष्ट विधि, स्पष्ट वीडियो, और देवता के समक्ष स्पष्ट संकल्प।
आप अपनी शुभ तिथि चुनते हैं। पंडित जी उसी दिन मंदिर में आपके नाम का संकल्प उठाते हैं।
पूजा का हर मंत्र, हर संकल्प-जल, हर अर्पण आपके नाम-गोत्र पर सम्पन्न होता है। किसी और भक्त का नाम बीच में नहीं लिया जाता।
वीडियो भी केवल आपके परिवार के संकल्प का बनता है। किसी और भक्त के नाम के साथ नहीं।
राहु शान्ति अनुष्ठान श्री काल भैरव तीर्थ क्षेत्र, भैरवगढ़, उज्जैन में सम्पन्न होता है। स्कंद पुराण में काल भैरव को राहु का अधिपति कहा गया — वही देव जो राहु के तामसिक प्रभाव रोकते हैं। भैरवगढ़ का विशिष्ट मदिरा-अर्पण भक्त का राहु-भार सीधे वहन करता है। आपका नाम-गोत्र हर चक्र में आता है, और पूजा आपकी चुनी हुई तिथि पर होती है।