राम दरबार आरती का सम्पूर्ण पाठ देवनागरी में, उसका अर्थ और घर पर आरती करने की विधि।
राम दरबार आरती के बारे में
राम दरबार अयोध्या के भगवान श्री राम का दिव्य राजदरबार है - सिंहासन पर विराजमान भगवान श्री राम, उनके साथ माता सीता, सेवा में खड़े अनुज लक्ष्मण, और चरणों में हाथ जोड़े बैठे हनुमान जी। राम दरबार आरती इसी दिव्य समूह की वंदना है, जो आदर्श राजा, आदर्श परिवार और आदर्श भक्त को एक साथ एक ही मूर्ति में प्रस्तुत करती है। यह आरती मंदिरों और घरों में प्रतिदिन तथा विशेष रूप से रामनवमी, विवाह पंचमी और दीपावली पर गाई जाती है।
सम्पूर्ण राम दरबार आरती (देवनागरी)
आरती कीजै श्री रामचन्द्र जी की, कृपा करो प्रभु दीनदयाल जी की।
रत्न सिंहासन आप विराजे, सिय-सहित प्रभु शोभा साजे। आरती कीजै श्री रामचन्द्र जी की।
भरत लखन शत्रुघ्न भ्राता, चारों भाई परम सुखदाता। आरती कीजै श्री रामचन्द्र जी की।
हनुमत वीर खड़े कर जोरी, सेवा करत निशदिन बिनु छोरी। आरती कीजै श्री रामचन्द्र जी की।
मुनि वशिष्ठ करें जयकारा, गूँजे राम-राम जय-जयकारा। आरती कीजै श्री रामचन्द्र जी की।
सिय-राम रूप निहारत सुरगण, लोक चतुर्दश हर्षित हो मन। आरती कीजै श्री रामचन्द्र जी की।
राम-दरबार की शोभा न्यारी, जय-जय बोलें नर-नारी सारी। आरती कीजै श्री रामचन्द्र जी की।
दास तुलसी अरज करत हैं, चरण शरण में प्रीत धरत हैं। आरती कीजै श्री रामचन्द्र जी की, कृपा करो प्रभु दीनदयाल जी की।
अर्थ
इस आरती की टेक में श्री रामचन्द्र जी की आरती करने का आह्वान है, जो दीनों पर सदा कृपा बरसाने वाले हैं। पदों में वर्णन है कि रत्नजड़ित सिंहासन पर सीता जी सहित प्रभु विराजमान हैं; भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न - तीनों भाई सेवा और कर्तव्य के आदर्श स्तम्भ बनकर खड़े हैं; हनुमान जी हाथ जोड़े रात-दिन बिना विश्राम सेवा में तत्पर हैं; मुनि वशिष्ठ जयकारा कर रहे हैं; चौदह लोकों के देवगण सिय-राम के रूप को निहार कर आनंदित हो रहे हैं; और अंत में समस्त नर-नारी राम दरबार की अनूठी शोभा देखकर जय-जयकार करते हैं, जबकि दास तुलसी विनम्रता से प्रभु के चरणों की शरण माँगते हैं।
राम दरबार का महत्व
राम दरबार का चित्र केवल एक देव-स्वरूप नहीं, बल्कि स्वयं धर्म का आदर्श है - एक न्यायप्रिय राजा, आदर्श पति, सेवाभावी भाई और निःस्वार्थ भक्त, सब एक साथ प्रेम और कर्तव्य के सूत्र में बंधे हुए। घर में राम दरबार की तस्वीर या मूर्ति रखने से परिवार में सामंजस्य, सुरक्षा और समृद्धि आती है, ऐसा माना जाता है, क्योंकि यह घर के भीतर संबंधों के सम्पूर्ण संतुलन का प्रतीक है।
आरती करने की विधि
राम दरबार की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक और धूप जलाएं। तुलसी दल, पुष्प और थोड़ा जल अर्पित करें। देवताओं के सम्मुख खड़े होकर, यदि घंटी हो तो उसे बजाते हुए, हाथ जोड़कर आरती गाएं और दीपक को धीरे-धीरे दक्षिणावर्त घुमाएं - पहले चरणों के सामने, फिर पूरे स्वरूप के सामने, फिर मुख के सामने। अंत में दो-तीन बार दीपक की परिक्रमा करें और उसकी गर्म ज्योति को हल्के से अपनी आँखों के पास लाकर आशीर्वाद ग्रहण करें। यह प्रतिदिन संध्या समय की जा सकती है, विशेष रूप से रामनवमी, विवाह पंचमी, दीपावली और प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को, जो हनुमान जी की उपस्थिति से जुड़े दिन माने जाते हैं।
राम दरबार आरती के लाभ
नियमित पाठ से घर में सुरक्षा और शांति का भाव आता है, राम के भाइयों के आदर्श से परिवार में प्रेम और एकता मज़बूत होती है, उसी स्वरूप में विराजमान हनुमान जी की कृपा से भय और बाधाएं दूर होती हैं, तथा कठिन समय में धर्म, धैर्य और सदाचरण पर श्रद्धा गहरी होती है।
संक्षिप्त मार्गदर्शिका
प्रारंभ से पहले
मंत्र
Ram mantra
Shri Ram Jai Ram Jai Jai Ram
Chant slowly with devotion for courage, truth, protection, and mental peace.
भाव
भक्त जिन आशीर्वादों की प्रार्थना करते हैं
प्रश्न-उत्तर
प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न
राम दरबार आरती कब करनी चाहिए?
इसे प्रतिदिन संध्या पूजा के समय गाया जा सकता है, और यह रामनवमी, विवाह पंचमी, दीपावली तथा हनुमान जी से जुड़े मंगलवार-शनिवार को विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
क्या यह आरती हनुमान चालीसा के साथ की जा सकती है?
हाँ, कई घरों में पहले हनुमान चालीसा और फिर राम दरबार के सामने यह आरती की जाती है, क्योंकि हनुमान जी उसी दिव्य स्वरूप में विराजमान होते हैं।
क्या इस आरती के लिए राम दरबार की मूर्ति आवश्यक है?
राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की एक साथ फ्रेम की हुई तस्वीर या छोटी मूर्ति पर्याप्त है; सबसे महत्वपूर्ण भक्ति भाव है।
आरती में क्या अर्पित करना चाहिए?
घी का दीपक, धूप, तुलसी दल, पुष्प और थोड़ा जल पारंपरिक और पर्याप्त सामग्री है; अधिक सामग्री की आवश्यकता नहीं है।
श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त करें
अपने परिवार के सामंजस्य और सुरक्षा के लिए भगवान श्री राम को समर्पित संकल्प-पूजा बुक करें।







